बिहार की परंपरा को सम्मान
Bihar Sattu की शुरुआत 1999 में एक छोटे से गांव से हुई थी। हमारे दादाजी श्री रामचंद्र प्रसाद ने पत्थर की चक्की पर सत्तू पीसने का काम शुरू किया था।
आज, तीन पीढ़ियों के बाद, हम उसी पारंपरिक विधि से सत्तू बनाते हैं, लेकिन आधुनिक hygiene standards के साथ। हमारा मिशन है बिहार के इस superfood को पूरे भारत और दुनिया तक पहुंचाना।
हम सीधे किसानों से चना खरीदते हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य मिलता है और आपको सबसे ताजा और शुद्ध सत्तू।